तहसीलदार कैसे बने? |Tahsildar kaise bane in Hindi

आप में से बहुत सारे स्टूडेंट्स ऐसे होते हैं जो तहसीलदाल के पद पर काम करना चाहते होंगे लेकिन उन्हें तहसीलदार कैसे बने इससे संबंधित पूरी जानकारी नहीं होती है इसलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको तहसीलदार बनने से संबंधित पूरी जानकारी देंगे जैसे कि तहसीलदार कौन होता है इन्हें क्या काम करना पड़ता है इसके लिए क्वालिफिकेशन क्या होनी चाहिए आयु सीमा क्या होनी चाहिए भर्ती प्रक्रिया क्या होती है और एक तहसीलदार को कितने सैलरी प्रतिमाह मिलती है आदि तो अगर आप भी इसके बारे में पूरी इन्फॉर्मेशन चाहते हैं तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें.

तहसीलदार कौन होता है और इन्हें कौन कौन से कार्य करने होते है?

एक राज्य में कई जिले होते हैं और हर एक जिले में अनेक तहसील होती है और एक तहसील का जो प्रभारी अधिकारी होता है उसे तहसीलदार कहते है जिसे तालुकदार या कर अधिकारी के नाम से भी जाना जाता है कानूनगो, पटवारी, नायब तहसीलदार आदि सभी तहसीलदार के नीचे ही काम करते हैं और तहसील के कार्यों में एक तहसीलदार की मदद करते हैं तहसील के क्षेत्र में जितने भी भूमि से संबंधित कार्य होते हैं वो सभी तहसीलदार की देखरेख में होते हैं और उनके हस्ताक्षर के बिना कोई भी कार्य नहीं हो सकता इसके साथ ही भूमि संबंधित विवादों को सुनना, उनका समाधान करना, पटवारी द्वारा दिये गए कार्यों का निरीक्षण करना, क्षेत्र में भूमि से संबंधित सभी रिकॉर्ड को मेंटेन रखना, सरकारी कर वसूलने से संबंधित कार्य भी तहसीलदार के अंतर्गत आते हैं.

Tahsildar kaise bane in Hindi
Tahsildar kaise bane in Hindi

छात्रों का निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र आदि सभी तरह के एक प्रमाण पत्र से संबंधित कार्यक्षेत्र में किसी तरह की प्राकृतिक आपदा आने पर उसका निरीक्षण करना और तत्काल राहत अभियान शुरू करवाना उसमें पीड़ितों की आर्थिक मदद करना फसल से संबंधित नुकसान हो जाने पर किसानों को मुआवजा दिलवाना और इन सब का रिकॉर्ड बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजना आदि इस तरह के कार्य भी तहसीलदार के अंतर्गत आते हैं.

तहसीलदार का प्रमोशन किस पद तक होता है?

तहसीलदार के पद से 8 से 15 साल के बाद इनका प्रमोशन करके उप जिला मजिस्ट्रेट यानी एसडीएम बनाया जाता है जिसके कुछ सालों के बाद इनका प्रमोशन करके डीएम बना दिया जाता है.

तहसीलदार बनने के लिए इलिजिबिलिटी क्या रखी गई है?

तहसीलदार बनने के लिए कैंडिडेट का ग्रेजुएशन पास होना जरूरी है इसमें चाहे उसमें बीबीए, बीसीए, बीटेक, बीकॉम, बीएससी आदि में से कोई भी कोर्स किया है और किसी भी विषय में किया है सभी इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं.

तहसीलदार बनने के लिए आयु सीमा में रखी गई है?

तहसीलदार बनने के लिए कैंडिडेट की आयु सीमा 21 से 42 साल के बीच में होनी चाहिए इसमें ओबीसी वालो को 3 साल की छूट दी जाती है जिसके अनुसार ओबीसी वालो की आयुसीमा 21 से 45 साल के बीच में होनी चाहिए जबकि एससी एसटी वालों को 5 साल की छूट दी जाती है जिसके अनुसार एससी एसटी वालों की आयुसीमा 21 से 47 साल के बीच में होनी चाहिए.

तहसीलदार के लिए भर्ती प्रक्रिया क्या होती है?

तहसीलदार एक प्रमोशन पोस्ट होती है मतलब इसके लिए डायरेक्ट भर्ती नहीं होती बल्कि पहले नायब तहसीलदार बनते है और उसके 3 से 4 साल के बाद प्रमोशन होने पर तहसीलदार बनते हैं तो नायब तहसीलदार बनने के लिए सभी राज्यों की अलग अलग परीक्षा होती है जिसे राज्य का लोकसेवा आयोग यानी पब्लिक सर्विस कमिशन आयोजित करता है जैसे अगर आप उत्तर प्रदेश से है तो यूपीपीएससी (UPPSC) इस परीक्षा को कंडक्ट करता है यही अगर आप उत्तराखंड से हैं तो यूकेपीएससी (UKPSC) इस परीक्षा को कंडक्ट करती है तो इस प्रकार अलग अलग राज्यों के लिए इसकी भर्ती प्रक्रिया भी अलग अलग होती है.

इसकी भर्ती प्रक्रिया में सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा होती है फिर मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू कंडक्ट किया जाता है.

प्रारंभिक परीक्षा

अलग अलग राज्यों में प्रारंभिक परीक्षा का अलग अलग पैटर्न होता है ज्यादातर राज्यों में इसके दो पेपर होते हैं जबकि कुछ राज्य जैसे बिहार राजस्थान में प्रारंभिक परीक्षा में केवल एक पेपर ही लिया जाता है पहला पेपर जनरल स्टडीज़ का होता है जिसमें 200 नंबर के 150 प्रश्न पूछे जाते हैं सभी बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं और यह 2 घंटे का पेपर होता है दूसरा होता है सिविल सर्विस ऐप्टिट्यूड टेस्ट का जिसमें 200 नंबर के 100 प्रश्न पूछे जाते हैं इसमें भी बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं और यह भी 2 घंटे का पेपर होता है और दोनों पेपर में 1/3 नेगेटिव मार्किंग होती है और बाद में जब आपकी मेरिट लिस्ट बनती है तो प्रारंभिक परीक्षा में से ये जनरल स्टडीज़ के नंबर जोड़े जाते हैं क्योंकि सिविल सर्विस ऐप्टिट्यूड टेस्ट के नंबर नहीं जोड़े जाते हैं क्योंकि यह क्वालीफाइंग पेपर होता है जिसमें कैंडिडेट्स को कम से कम 33% अंक लाने जरूरी होते हैं लेकिन झारखण्ड राज्य को छोड़कर क्योंकि वहाँ पर दोनों पेपर के नंबर जोड़े जाते हैं.

जनरल स्टडीज़

इसमें विज्ञान, पर्यावरण और पारिस्थितिकी, समायिकी, अर्थशास्त्र, सरकारी नीतियां और पहल, संस्थान, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, भूगोल, आधुनिक इतिहास, मध्यकालीन इतिहास, कला और संस्कृति, आजादी के बाद का इतिहास आदि से सम्बन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं.

सिविल सर्विस ऐप्टिट्यूड टेस्ट

इसमें टेंथ लेवल के प्रश्न पूछे जाते हैं गणित (जिसमें अंकगणित, बीजगणित, रेखागणित और सांख्यिकी) अंग्रेजी, हिंदी, सामान्य बौद्धिक योग्यता, लॉजिकल एंड एनालिटिकल एबिलिटी, डिसिशन मेकिंग ऐंड प्रॉब्लम सॉल्विंग, कंप्रीहेन्सिव आदि से सम्बन्धित प्रश्न पूछे जाते है.

मुख्य परीक्षा

प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद कैंडिडेट को मुख्य परीक्षा देनी होती है और मुख्य परीक्षा में टोटल 8 पेपर होते हैं जिसमें सॉर्ट और लॉन्ग क्वेश्चन्स पूछे जाते हैं और हर एक पेपर 3 घंटे का होता है इसमें जनरल हिंदी, एस्से, जनरल स्टडीज़ वन, जनरल स्टडीज़ टू, जनरल स्टडीज़ थ्री, जनरल स्टडीज़ फ़ोर और दो ऑप्शनल पेपर: पेपर वन और पेपर टू होते हैं ज्यादातर राज्यों में तो यही पैटर्न होता है बस बिहार में जनरल स्टडीज के चार की जगह दो पेपर ही होते हैं और झारखंड में भी सेम प्रोसेस होता है बस वहाँ पर दो ऑप्शनल पेपर नहीं होते हैं.

जनरल हिंदी

इसमें 150 नंबर के प्रश्न पूछे जाते हैं ये 3 घंटे का पेपर होता है और क्वालीफाइंग पेपर होता है जिसमें सरकारी और अर्ध सरकारी पत्र लेखन, तार लेखन, कार्यालय आदेश, अधिसूचना, परिपत्र, शब्द ज्ञान एवं प्रयोग, उपसर्ग एवं प्रत्यय प्रयोग, विलोम शब्द, वाक्यांश के लिए एक शब्द, वर्तनी, वाक्य शुद्धि, लोकोक्तियाँ एवं मुहावरे से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं.

एस्से

एस्से राइटिंग के पेपर में टोटल तीन खंड क, ख, ग दिए जाये है प्रत्येक खंड में तीन टॉपिक दिए जाते हैं जिनमें से एक एक टॉपिक पर कैंडिडेट को 700-700 शब्दों के एस्से लिखना होता है और हर खंड 50-50 नंबर का होता है इसमें टोटल 3 घंटे का समय मिलता है इसमें खंड (क) में साहित्यिक और संस्कृति, सामाजिक क्षेत्र, राजनैतिक क्षेत्र से टॉपिक पूछे जाते हैं, खंड (ख) में विज्ञान, पर्यावरण और प्रौद्योगिकी, आर्थिक क्षेत्र, कृषि उद्योग एवं व्यापार से और खंड (ग) में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रम, प्राकृतिक आपदाएं, राष्ट्रीय विकास योजनाएं से संबंधित टॉपिक्स दिए जाते हैं.

जनरल स्टडीज़ वन, जनरल स्टडीज़ टु, जनरल स्टडीज़ थ्री

इसके बाद ये तीनों पेपर होते हैं जिनमें भारतीय इतिहास (प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक), भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन और भारतीय संस्कृति, विश्व भूगोल, भारतीय भूगोल और प्राकृतिक संसाधन, वर्तमान घटनाएँ, भारतीय कृषि, व्यापार और वाणिज्य, भारतीय राजनीति, भारतीय अर्थव्यवस्था, सामान्य विज्ञान, जीवन शैली, सामाजिक रीती रिवाज आदि विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं और ये 200-200 नंबर के पेपर होते है.

जनरल स्टडीज़ फोर

इसके पेपर में एथिक से यानी आचार विचार से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं और यह भी 200 नंबर का पेपर होता है.

दो ऑप्शनल पेपर: पेपर वन और पेपर टू

ये भी 200-200 नंबर के होते हैं इसमें टोटल 29 सब्जेक्ट दिए होते हैं इनमें से एक सब्जेक्ट आपको चूज करना होता है उसी में से प्रश्न पूछे जाते हैं फिर इन सभी एग्जाम को पास करने के बाद कैंडिडेट को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है.

इंटरव्यू

इंटरव्यू भी कुछ राज्यों में 150 नंबर का, कुछ राज्यों में 100 का, तो कुछ राज्यों में 75 नंबर का होता है इसमें कैंडिडेट की नॉलेज और कॉन्फिडेंस को चेक किया जाता है जिसके लिए वे किसी भी विषय से और आपसे संबंधित प्रश्न पूछ सकते हैं और फिर इंटरव्यू क्लियर होने के बाद सभी कैंडिडेट्स को उसकी रैंक और उनकी प्रिफरेंस के आधार पर लोक सेवा आयोग के द्वारा अलग अलग पद आवंटित किए जाते हैं जिसके बाद कैंडिडेट को ट्रेनिंग पर भेज दिया जाता है और फिर किसी तहसील में नायब तहसीलदार के रूप में नियुक्त कर दिया जाता है.

तहसीलदार पद के लिए एप्लिकेशन फॉर्म का कैसे पता करें?

अपने राज्य में नायब तहसीलदार का एप्लीकेशन फॉर्म भरने के लिए यहाँ वैकेंसी का पता करने के लिए आपको अपने राज्य की लोक सेवा आयोग की वेबसाइट पर जाना होगा जैसे- अगर आप उत्तर प्रदेश से हैं तो आपको गूगल पर सर्च करना होगा uppsc.up.nic.in जिसके बाद आप पब्लिक सर्विस कमीशन प्रयागराज उत्तर प्रदेश की वेबसाइट पर आ जाएंगे जहाँ पर साइड में आपको ऑल नोटिफिकेशन का ऑप्शन्स दिखाई देगा जिसपर क्लिक करके आप सभी लेटेस्ट वेकैंसीज़ देख सकते हैं उनके लिए अप्लाइ कर सकते हैं और उनके बारे में पढ़ सकते हैं.

इस तरह अगर आप उत्तराखंड से हैं तो आपको गूगल पर एक ukpsc.gov.in सर्च करना होगा जिसके बाद आप उत्तराखंड पब्लिक सर्विस कमीशन की वेबसाइट पर आ जाएंगे यहीं पर नीचे आने पर आपको रीसेंट अपडेट का एक बॉक्स दिखाई देगा जहाँ पर आप अभी लेटेस्ट वेकैंसीज़ देख सकते हैं उस पर क्लिक करके अप्लाई कर सकते हैं और उसके बारे में पढ़ सकते हैं तो इस प्रकार अलग अलग राज्यों के लिए लोक सेवा आयोग की वेबसाइट अलग अलग होती है.

तहसीलदार को प्रतिमाह कितना वेतन मिलता है?

तहसीलदार के पद पर काम करने वाले व्यक्ति को प्रतिमाह 60,000 से 80,000 रूपये की लगभग वेतन मिलता है जो कि अलग अलग राज्यों के हिसाब से कम या ज्यादा हो सकता है.

आज आपने क्या सीखा?

तो आज इस आर्टिकल में हमने आपको तहसीलदार बनने से संबंधित पूरी जानकारी दी है उम्मीद करते हैं ये जानकारी आपको पसंद आई होगी इसके अलावा अगर आपका कोई और सवाल है आप किसी अन्य टॉपिक के बारे में जानकारी चाहते हैं तो आप हमें कमेंट कर सकते हैं.