India’s first cloned Gir cow was born in this state: इस राज्य में पैदा हुई भारत की पहली क्लोन गिर गाय, कारोबार में होगा इजाफा

India’s first cloned Gir cow was born in this state: नमस्कार दोस्तों आज हम आपको बताने वाले हैं एक ऐसी नस्ल की गाय की जो काफी अलग है जी हाँ आपको बता दें कि राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल में देसी गायों के संरक्षण और संख्या को बढ़ाने के लिए बस क्लोनिंग टेक्नोलॉजी को विकसित किया है और अब इसी बीच 16 मार्च 2023 को गिर नस्ल की एक क्लोन बछिया का जन्म हुआ है.

India's first cloned Gir cow was born in this state
India’s first cloned Gir cow was born in this state

India’s first cloned Gir cow was born in this state: आपको बताते हैं कि हरियाणा के करनाल से राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान ने नया इतिहास रचा हैसाल 2021 में उत्तराखंड लाइवस्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड देहरादून की मदद से राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल मे गिर, साहीवाल और रेड सिंधी जैसे गायों की क्लोनिंग का काम शुरू किया गया था और इसके अंतर्गत अब 16 मार्च को गिर नस्ल की एक लोन बछिया का जन्म हुआ है और इस बछिया का नाम गंगा रखा गया है. से भी पढ़ें – Financial assistance widowed women: विधवा महिलाओं को हर महीने ₹300 की आर्थिक सहायता, जानें कैसे करें अप्लाई

क्लोनिंग के गिर गाय का चुनाव

राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल देसी गायों के संरक्षण और उनकी संख्या को बढ़ाने के लिए क्लोनिंग टेक्नोलॉजी को विकसित किया है और इस काम के लिए गिर नस्ल का चुनाव किया गया था ऐसा इसलिए क्योंकि इन गायों में अन्य नस्ल की गायों की अपेक्षा बहुत अधिक सहनशीलता होती है और ये गायें अतिरिक्त ठंड और अत्यधिक तापमान को आसानी से सह लेती है और इन गायों के अंदर अन्य गायों के मुकाबले रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अधिक होती है. इसे भी पढ़ें – सीएम योगी ने बताया तरीका यूपी में रेशम की खेती से किसानों की इनकम होगी डबल

आई कई चुनौतियां

डॉ. नरेश सेलोकर ने बताया है कि लगभग 15 साल से भैंस के क्लोनिंग पर काम चल रहा था लेकिन क्यों ने सोचा गायों की क्लोनिंग भी करनी चाहिए थी जिसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान करनाल में पूर्व निदेशक डॉ एमएस चौहान के नेतृत्व में गिर, साहीवाल और रेड-सिंधी जैसी देशी गायों की क्लोनिंग का काम शुरू किया लेकिन इसमें कैटल क्लोनिंग की काफी चुनौतियां भी थीं क्लोनिंग के लिए अंडे नहीं थे लेकिन ओपीयू टेक्नोलॉजी के द्वारा अंडो को निकाला गया था. इसे भी पढ़ें – Pashu credit card farmers loan: दुधारू पशु खरीदने पर किसानों को सरकार दे रही 1.60 लाख तक का लोन, ऐसे करें आवेदन

16 मार्च को मिली सफलता

फाइनली अब डॉक्टर नरेश सेलोकर ने बताया है कि संस्थान द्वारा क्लोनिंग के लिए तीन नस्ल को सेलेक्ट किया गया लेकिन साहीवाल में कुछ असफलताएं मिली लेकिन रिसर्च के बाद 16 मार्च 2023 को गिर गाय की क्लोन पैदा हुई गिर नस्ल की बछिया के जन्म के समय उसका वजन 32 किलोग्राम था और वो एकदम सवस्थ थी.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *